नई दिल्ली/इलाहाबाद। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज 24 मार्च को सुनवाई होगी। इस मामले में कोर्ट ने 19 दिसंबर को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा 24 मार्च तक पेश करे। आज केंद्र सरकार इस मामले पर अपना जवाब दाखिल करने वाली है।
इस याचिका में राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता का आरोप लगाया गया है, जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख पेश करने की उम्मीद जताई है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया था।
राहुल गांधी नागरिकता मामले में सीबीआई जांच की मांग
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता की सीबीआई जांच की भी मांग की थी। याचिका में दावा किया गया कि राहुल गांधी भारत के बजाय ब्रिटेन के नागरिक हैं, जिससे वे संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य हो सकते हैं। 2023 जुलाई में, कोर्ट ने राहुल गांधी के सांसद के रूप में चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लिए जाने पर खारिज कर दिया था।
राहुल गांधी की नागरिकता पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका
इसके अलावा, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में इसी प्रकार की याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच द्वारा दायर याचिकाओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही इस मामले की सुनवाई करेगा।
राहुल गांधी की नागरिकता विवाद का इतिहास
1 जुलाई 2024 को कर्नाटक के वकील और बीजेपी सदस्य एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता के आरोप लगाए गए थे। याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का हवाला भी दिया था।
विग्नेश शिशिर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 (2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना था कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द की जानी चाहिए, क्योंकि भारतीय नागरिकता रखने वाला व्यक्ति ही लोकसभा चुनाव लड़ सकता है।